NMMS छात्रवृत्ति योजना का परिचय
राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (National Means-cum-Merit Scholarship Scheme - NMMSS) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग) द्वारा संचालित एक प्रमुख केंद्रीय छात्रवृत्ति योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को कक्षा 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉप-आउट) से रोकना और उन्हें कक्षा 12वीं तक माध्यमिक स्तर की शिक्षा पूर्ण करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
प्रत्येक वर्ष देश भर में इस योजना के अंतर्गत 1,00,000 (एक लाख) नई छात्रवृत्तियां स्वीकृत की जाती हैं, जो विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कक्षा 8वीं में नामांकित छात्रों की संख्या और उनकी जनसंख्या के आधार पर राज्यवार कोटे के अनुसार आवंटित होती हैं।
छात्रवृत्ति राशि और भुगतान का स्वरूप
- चयनित छात्रों को कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में नियमित अध्ययन जारी रखने पर प्रति माह ₹1,000 यानी प्रति वर्ष ₹12,000 की छात्रवृत्ति दी जाती है।
- इस प्रकार चार वर्षों के दौरान एक विद्यार्थी को कुल ₹48,000 की वित्तीय सहायता प्राप्त होती है।
- यह छात्रवृत्ति राशि नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT - Direct Benefit Transfer) प्रणाली द्वारा सीधे लाभार्थी विद्यार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है? (पात्रता शर्तें)
इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए भारत सरकार द्वारा निम्नलिखित प्रमुख शर्तें निर्धारित की गई हैं:
- विद्यालय का प्रकार: छात्र केवल राज्य सरकार, स्थानीय निकाय (नगर निगम, जिला परिषद आदि) अथवा सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त (Govt. Aided) विद्यालयों में कक्षा 8वीं में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए।
- कक्षा 7वीं के अंक: छात्र ने कक्षा 7वीं की अंतिम परीक्षा में कम से कम 55% अंक प्राप्त किए हों। आरक्षित श्रेणी (अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति) के छात्रों के लिए 5% की छूट के साथ न्यूनतम 50% अंक निर्धारित हैं।
- पारिवारिक आय सीमा: छात्र के माता-पिता अथवा अभिभावक की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹3,50,000 (तीन लाख पचास हजार रुपये) से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आय प्रमाण पत्र: आय के सत्यापन हेतु राज्य सरकार के अधिकृत राजस्व अधिकारी (जैसे तहसीलदार, अंचलाधिकारी अथवा उप-विभागीय दंडाधिकारी) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक होता है।
कौन से छात्र आवेदन के पात्र नहीं हैं?
योजना के नियमों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के विद्यार्थी NMMS परीक्षा में आवेदन करने के पात्र नहीं हैं:
- केंद्रीय विद्यालयों (Kendriya Vidyalayas) में पढ़ने वाले छात्र।
- जवाहर नवोदय विद्यालयों (Jawahar Navodaya Vidyalayas) के छात्र।
- सैनिक स्कूलों के छात्र।
- राज्य सरकारों द्वारा संचालित ऐसे आवासीय विद्यालय जहाँ रहने, खाने और पढ़ाई की सुविधा सरकार द्वारा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
- किसी भी निजी या गैर-मान्यता प्राप्त (Private / Unrecognized) विद्यालयों के छात्र।
छात्रवृत्ति जारी रखने के नियम (कक्षा 9वीं से 12वीं)
NMMS परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात छात्रवृत्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए कुछ नियम लागू होते हैं:
- कक्षा 8वीं उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या सहायता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9वीं में नियमित प्रवेश लेना अनिवार्य है।
- कक्षा 9वीं और 11वीं में प्रथम प्रयास में न्यूनतम 55% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है (SC/ST के लिए 50%)।
- कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 60% अंक प्राप्त करना आवश्यक है (SC/ST के लिए 55%) ताकि कक्षा 11वीं और 12वीं में छात्रवृत्ति जारी रह सके।
- प्रत्येक वर्ष नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर रिन्यूअल (नवीनीकरण) आवेदन समय सीमा के भीतर करना आवश्यक होता है।
परीक्षा की संरचना संक्षेप में
NMMS चयन परीक्षा दो खंडों में आयोजित होती है - मानसिक योग्यता परीक्षा (MAT) और शैक्षिक योग्यता परीक्षा (SAT)। दोनों ही खंडों में 90-90 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं और प्रत्येक खंड के लिए 90 मिनट का समय दिया जाता है। परीक्षा में कोई नकारात्मक अंकन नहीं होता है।
आधिकारिक नियमों और अद्यतन विवरण के लिए विद्यार्थी तथा अभिभावक शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल https://education.gov.in तथा राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल https://scholarships.gov.in का अवलोकन कर सकते हैं।
